सिके राउतले मधेशी भाषामा सपथ लिएको विरुद्धमा संसद सचिवालयलाई ज्ञापनपत्र
८ पुष २०७९, शुक्रबार २०:१५
ज्ञापन – पत्र
मिति ः २०७९/०९/०८
श्री महासचिव ज्यू,
श्री संसद सचिवालय,
नयाँ बानेश्वर, काठमाण्डौं ।
मार्फत ः श्री प्रमुख जिल्ला अधिमकारी ज्यू,
श्री जिल्ला प्रशासन कार्यालय,
सप्तरी, राजविराज ।
राष्ट्रिय भाषा नेपालीमा ः
मिति वि.सं. २०७९ पुष ७ गते विहिवार का दिन, नव निर्वाचित प्रतिनिधि सभा सदस्यज्यूहरुलाई काठमाण्डु स्थित संसद भवनमा शपथ ग्रहण गराईएको तथ्य यहाँको जानकारी मै छ ।
यसमा मातृभाषामा शपथ लिने प्रावधान रहे पनि नेपाल को संविधान, भाषा आयोग, मधेशी आयोग, केन्द्रीय तथ्याङ्क विभाग वा कुनै पनि सरकारी दस्तावेजमा सूचीकृत वा उल्लेख न रहेको मधेशी भाषामा शपथ ग्रहण कार्य संसद सचिवालयद्वारा गराईएको कार्य प्रतिए हाम्रो गम्भीर ध्यानाकर्षण भएको छ ।
यस संन्दर्भमा मैथिली भाषी क्षेत्रबाट प्रतिनिधित्व गर्नु भएका तथा राष्ट्रिय राजनीतिमा धुमकेतु जसरी उदाउनु भेएका जनमत पार्टीका राष्ट्रिय अध्यक्ष डा. श्री चन्द्रकान्त (सीके) राउत र जनमत पार्टीबाटै सासंद बन्नु भएका केही अन्य व्यक्तिहरुले संसदीय सचिवालयमा आफ्नो मातृभाषाको रूपमा नेपालमा कहिल्यै न बोलिएको सुनिएको मधेशी भाषा लाई चिहिन्त गराउँदै सोहि भाषामा शपथ लिनु भएको छ, जुन मैथिली भाषी भएर पनि आफ्नो मातृभाषा मैथिलीको नाम माथि प्रहार गर्नु भएको भन्ने हाम्रो अभिमत रहेको छ र देशकै दोश्रो सब भन्दा बढ़ी बोलिने मातृभााषा प्रति अन्याय हो, हामी मान्दछौं, त्यसैले यो भएको कार्यको हामीहरु घोर भत्र्सना गर्दछौं ।
मैथिली भाषी क्षेत्रबाट प्रतिनिधित्व गरेर यसै क्षेत्रको लोकप्रिय मतबाट राष्ट्रिय पार्टीको मान्यता प्राप्त गरेको जनमत पार्टीद्वारा “मधेशी भाषा”, भनेर एउटा नयाँ भाषा जो, कहिल्यै कुनै भाषा वैज्ञानिकद्वारा प्रकाशित कुनै लेख, नेपालको केन्द्रिय तथ्यांक विभाग, तथा कुनै पनि आधिकारिक दस्तावेजमा न रहेको यस भाषामा शपथ लिने र शपग दिलाउने संसद सचिवालयद्वारा मान्यता दिने जुन कार्य भएको छ त्यो अनाधिकार, अनुपयुक्त र प्रचलित ऐन कानून विपरित रहेको र यसले खुलेआम कानूनको उपहास उड़ाउने काम भएको छ ।
यसबाट मातृभाषाहरुको तिरष्कार भएको तथा भाषिक अराजकता उत्पन्न हुने हाम्रो अभिमत रहेको छ । त्यसैले मैथिली भाषालाई हतोत्साहित गर्न वदनियपुणर् तवरले बनाईएको यो नयाँ जन्मेको मधेशी भाषाको हामीहरु घोर भत्र्सना गर्दछौं ।
त्यसैले सम्पुणर् मैथिली भाषीको भावना उपर गम्भीर ठेस पुगेको यस कार्यलाई संसद सचिवालयले तुरन्त फिर्ता लियोस भन्ने माङ्ग गर्दै जनमत पार्टीद्वारा लिईएको यस शपथलाई अवैध ठहर गरी उनीहरुलाई पुनः शपथ ग्रहण गराईयोस भनी माङ्ग गर्दछौं, अन्यथा हामीहरु यो भन्दा पनि कड़ा विरोध गर्ने र आन्दोलन गर्न बाध्य हुने सम्वन्धित सबैमा जानकारी गराउँदै त्यसको जिम्मेवार स्वयं तपाईं सम्बन्धिते पक्ष नै हुने समेत जानकारी गराउन चाहन्छैं । मैथिली अनुवाद ः
दिनाङ्क वि.सं. २०७९ पूस ७ गते वृहस्पति दिन, नव निर्वाचित प्रतिनिधि सभा सदस्यसबकेँ काठमाण्डु स्थित संसद भवनमे शपथ ग्रहण कराओल गेल तथ्थ अपनेक जनतबमे अछिए । अइमे मातृभाषामे शपथ लेबाक प्रावधान रहितो नेपालक संविधान, भाषा आयोग, मधेशी आयोग, केन्द्रीय तथ्याङ्क विभाग वा कोनहु सरकारी दस्तावेजमे सूचीकृत वा उल्लेख नहि रहल मधेशी भाषामे शपथ ग्रहण करेबाक कार्य संसद सचिवालयद्वारा कराओल जेबाक कार्य प्रतिए हमरासभक गम्भीर ध्यानाकर्षण भेल अछि ।
अइ संन्दर्भमे मैथिली भाषी क्षेत्रसँ प्रतिनिधित्व कएनिहार तथा राष्ट्रिय राजनीतिमे धुमकेतु जँका उदय भेल जनमत पार्टीके राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. श्री चन्द्रकान्त (सीके) राउत आ जनमते पार्टीसँ सासंद बनलाह अन्य किछु व्यक्तिसभ संसदीय सचिवालयमे सेहो अपन मातृभाषाके रूपमे नेपालमे कहियो नइँ बाजल जाएबला मधेशी भाषाके चिहिन्त करवैत ओहि भाषामे शपथ लेलनि अछि, जे मैथिली भाषी रहितो अपन मातृभाषा मैथिलीकेँ नाम पर प्रहार कएलनि अछि ई हमरा सभक अभिमत अछि आ देशक दोसर सबसँ बेसी बाजल जाइवाला मातृभााषा प्रति अन्याय छी से हमसभ मानैत छी, तएँ एहि कार्यकें हमसभ घोर भत्र्सना करैत छी ।
मैथिली भाषी क्षेत्रसँ प्रतिनिधित्व करितो आ अइ क्षेत्रक लोकप्रिय मतसँ राष्ट्रीय पार्टीक मान्यता प्राप्त कएल जनमत पार्टीद्वारा “मधेशी भाषा”, कहिक नव भाषामे जे, कहियो कोनो भाषा वैज्ञानिकद्वारा प्रकाशित कोनो लेख, नेपालक केन्द्रीय तथ्यांक विभाग, तथा अधिकारिक दस्तावेजमे नइँ रहल अइ भाषामे शपथ लेबाक तथा संसद सचिवालयद्वारा मान्यता देबाक जे कार्य भेल अछि से अनाधिकार, अनुपयुक्त आ प्रचलित ऐन कानून विपरित रहल आ खुलेआम कानूनके उपहास उड़ेबाक काज थिक ।
एहिसँ मातृभाषाके तिरष्कार भेल तथा भाषिक अराजकता उत्पन्न हएत से हमरासभके अभिमत अछि । तएँ मैथिली भाषाके हतोत्साहित करबाक लेल वदनियपुणर् तरिकासँ बनाओल गेल एहि नव जन्मित मधेशी भाषाकेँ हमसभ घोर भत्र्सना करैत छी ।
तए सम्पुणर् मैथिली भाषीकेँ भावना उपर गम्भीर ठेस पहुँचल एहि कार्यके संसद सचिवालय तुरन्त वापस लिऔक से माङ्ग करैत जनमत पार्टीद्वारा लेल गेल शपथकेँ अवैध ठहर करैत हुनका सभकेँ पुनः शपथ ग्रहण करेबाक लेल माङ्ग करैत छी, अन्यथा हमरासभ अइसँ कड़गर विरोधमे जाएब आ आन्दोलन करब से सम्वन्धित सभके अवगत कराबैत तकर जिम्मेवार स्वयं अपने सम्बन्धिते पक्ष होएब से जनतब करबए चाहैत छी ।
मिति ः २०७९/०९/०८ शुक्रबार
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विद्यानन्द यादव रमिला साह सतिश कुमार दत्त
अध्यक्ष, आइ लभ मिथिला अध्यक्ष, मिलाफ नेपाल अध्यक्ष, मैथिली साहित्य परिषद
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